आतंकियों की बौखलाहटः एक ही दिन संघ और भाजपा के दो नेताओं की हत्या की

हिंदू नेताओं पर हमलेः जम्मू के किश्तवाड़ में संघ और छत्तीसगढ़ में विधायक की हत्या

हाल ही में हुए सभी सर्वे लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत बता रहे हैं, इन खबरों से भी बौखलाए हैं आतंकवादी संगठन

रवि रौणखर, जालंधर
09 अप्रैल, 2019

देश में भाजपा और संघ पर मंगलवार को दो आतंकी हमले हुए। दोनों में टार्गेट हिंदू नेता थे। एक में छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायक भीमा मंडावी और दूसरे में जम्मू स्थित किश्तवाड़ में आरएसएस के प्रांत सह सेवा प्रमुख चंद्रकांत शर्मा की हत्या कर दी गई। इन हमलों में 6 सुरक्षा कर्मी भी वीरगति को प्राप्त हुए हैं। इसे माओवादी और आतंकवादियों की बौखलाहट भी बताया जा रहा है क्योंकि देश में हाल ही में हुए लगभग सभी सर्वे भाजपा को लोकसभा चुनाव में विजयी बता रहे हैं। 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव की पहले चरण की वोटिंग भी शुरू हो रही है। ऐसे में देश विरोधी ताकतें अब माहौल खराब भी करना चाहती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले की निंदा की है।

पहली हत्या संघ नेता चंद्रकांत कीः

संघ नेता चंद्रकांत शर्मा


चंद्रकांत शर्मा उस वक्त अस्पताल में थे जब जम्मू के किश्तवाड़ में दो आकंतियों ने उन पर अंधाधुंध फायर कर दिया। उनकी सुरक्षा में तैनात जवान की घटनास्थल पर ही मृत्यू हो गई और चंद्रमोहन ने जम्मू में इलाज के दौरान दम तोड़ा। संघ ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किश्तवाड़ में किया जाएगा। चंद्रकांत किश्तवाड़ जिला अस्पताल में चिकित्सा सहायक के पद पर तैनात थे। समाज सेवा के कार्य में जुटे चंद्रकांत शुरू से ही आतंकियों के निशाने पर थे। सरकार ने उन्हें सिक्यूरिटी भी दे रखी थी लेकिन आतंकवादियों के हमले में उनके सुरक्षा गार्ड भी शहीद हो गए।

भाजपा विधायक के काफिले को बारूद से उड़ायाः

विधायक की गाड़ी को आईईडी ब्लास्ट से उड़ाया
विधायक भीमा मंडावी

भाजपा विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर मंगलवार शाम को नकस्लियों ने हमला किया।  यह हमला छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कुआकोंटा और स्यामगिरी के बीच किया गया। पहले विधायक की गाड़ी से आगे चल रही पुलिस बल की गाड़ी को निशाना बनाया गया और फिर विधायक की गाड़ी को आईईडी ब्लास्ट से उड़ाया। बाकी काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।  छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि विधायक भी इस हमले में मारे गए हैं। मृतकों में उनके ड्राइवर और उनकी गाड़ी में सवार तीन सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। दांतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव का कहना है कि भीमा मंडावी से कहा गया था कि वह इस रास्ते से चुनाव प्रचार के लिए न जाएं। मगर उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। छत्तीसगढ़ में 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव हैं।

यह वही दांतेवाड़ा है जहां 76 जवान 2010 में शहीद हुए थे

2010 में सीआरपीएफ के 76 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे, जेएनयू के कॉमरेड छात्रों ने जश्न मनाया था

2010 में इसी दांतेवाड़ा में सीआरपीएफ के 76 जवान नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। उस हमले की जहां देशभर में निंदा हुई थी वहीं जेएनयू में जश्न मनाया गया था। जश्न मनाने वाले कन्हैया कुमार और उसके सहयोगी छात्र संगठनों के छात्र थे। हालांकि 2014 के बाद जेएनयू में ऐसे जश्न तो बंद हो गए हैं लेकिन देश में वापमंथी और माओवादी संगठन आज भी राष्ट्री की जड़ें खोखली करने में लगे हुए हैं।