चंद्रबाबू नायडू ने जितना जोर पीएम की दावेदारी और ईवीएम पर लगाया अगर उतनी मेहनत वोट पाने के लिए करते तो शायद खाता खुल जाता

– चंद्रबाबु नायडु की पार्टी तेलुगू देशम पार्टी का खाता भी नहीं खुलने पर अमित शाह ने कसा तंज

जालंधर पोस्ट
23 मई, 2019

2019 के लोकसभा चुनाव में खुद को पीएम का दावेदार घोषित करने में जुटे आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलुगू देशम पार्टी का आंध्र प्रदेश में खाता भी नहीं खुला है। भाजपा प्रधान ने वीरवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर अपने भाषण में नायुडू पर चुटकी लेते हुए कहा कि “ जितना मेहनत उन्होंने पीएम का केंडिडेट बनने और ईवीएम के नुक्स निकालने में की अगर उतनी मेहनत वोटें हासिल करने के लिए की होती तो शायद उनका खाता खुल जाता।”

जीत का जश्न। पीएम मोदी और शाह

असल में चंद्रबाबू नायडू उन नेताओं में सबसे आगे थे जो बार बार विपक्ष को ईवीएम के खिलाफ भड़का रहे थे। चंद्रबाबू नायडू को ऐसा लग रहा था कि उन्हें अच्छी खासी सीटें मिल जाएंगी और वह खंडित जनादेश की स्थिति में प्रधानमंत्री पद पर अपनी दावेदारी पेश कर देंगे। मगर जो हुआ उसकी कल्पना खुद नायडू ने भी नहीं की थी। नायडू को आंध्र प्रदेश में सीटें मिली सिफर। यानी जीरो। अब जीरो सीट मिलने पर वह भला किस तरह प्रधानमंत्री पद के दावेदार कहलाते। इसलिए अमित शाह ने अपने भाषण में उन पर तंज कसा कि ईवीएम में दोष निकालने या पीएम बनने के सपने देखने की बजाय अगर वह फील्ड में जाकर काम करते तो शायद उस राज्य में अपना खाता खोल पाते जिसके वह मुख्य मंत्री हैं। असल में आंध्र प्रदेश में लोकसभा के साथ साथ विधानसभा के भी चुनाव हुए थे। उनमें भी चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलुगू देशम पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। अब पार्टी की कमान वाईएसआर सुप्रीमो जगन रेड्डी के हाथ आ गई है। वे जल्द आंध्र प्रदेश के सीएम पद की शपथ ग्रहण करेंगे।